हिंदी दिवस


आज हिंदी दिवस है तो सोचा कुछ हिंदी में लिखा जाये। वैसे मैं अक्सर ही हिंदी में कुछ न कुछ लिखती ही रहती हूँ। आखिरकार अपनी भावनाओं को अपनी भाषा से ज्यादा किसी और भाषा मे ठीक तरह से व्यक्त नही किया जा सकता। आज मैंने हिंदी से संबंधित कुछ बातें पढ़ी जो मैं आप सबसे बताना चाहती हूँ –

  • हिंदी/उर्दू यानी हिन्दुस्तानी दुनिया की दूसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है।
  • 7 देश की सात भाषाओं में शामिल, जिसमे आप वेब एड्रेस( यूआर एल) बना सकते है।
  • 1950 में इसे संघीय भारत की आधिकारिक भाषा का दर्जा मिला।
  • 1954 में भारत सरकार ने हिंदी व्याकरण तैयार करने के लिए समिति का गठन किया। 
  • दुनिया भर में 74 करोड़ लोग हिंदी बोलते है।
  • दुनिया की 176 विश्वविद्यालयों में हिंदी की पढ़ाई होती है।
  • फिजी की भी आधिकारिक भाषा है हिंदी, वहाँ इसके लहजे को फिजी हिंदी कहते है।

तो ये तो रही तथ्यों की बात जो आप सब ने आज कहीं न कहीं पढ़ी होगी या किसी के स्टेटस पर तो जरूर है पढ़ा होगा।

आज हिंदी दिवस हमारी अपनी हिंदी भाषा के उत्थान के लिए मनाया जाता है। आज के दिन कई लोगो ने हिंदी के पतन पर चिंता जताई होगी और कई लोगो ने तो अपने व्हाट्सएप और फेसबुक स्टेटस पर ‘ हिंदी दिवस की बहुत शुभकामनाएं’ जैसे संदेश भेज कर अपना हिंदी भाषी होने का कर्तव्य निभा लिया होगा, लेकिन हिंदी भाषा के पतन होने का कोई और कारण नही है। जो लोग आज के दिन हिंदी भाषी होने का दिखावा करते नजर आते है अगर उन्ही के सामने कल कोई हिंदी के शुद्व शब्दो का प्रयोग करता दिखाई देगा तो वही सबसे पहले उन शब्दों का मतलब पूछते मिलेंगे। आजकल हमारी दैनिक बोलचाल की भाषा मे अंग्रेजी मिली हुई है। हम चाह कर भी अपनी बातों से अंग्रेजी के मिले हुए शब्द नही निकाल सकते जैसे- रिमोट, स्कूटर, स्टेशन, बालकॉनी… आदि। और मैं ये भी कह सकती हूँ कि इन शब्दों के हिंदी मतलब शायद ही किसी को पता हो। मतलब ये नही है कि हमे इन शब्दों के मतलब पता ही हो मतलब तो उनसे है जो हिंदी में बात करने वालो को गिरी दृष्टि से देखते है, उनका मजाक उड़ाते है। 

आजकल के विद्यालयों में भी अंग्रेजी शिक्षा पर ज्यादा जोर दिया जाता है। मैं मानती हूँ कि इस प्रतियोगिता के दौर में अंग्रेजी का ज्ञान जरूरी है लेकिन इसका ये बिल्कुल तात्पर्य नही की बच्चों को उनके मातृभाषा के ज्ञान से वंचित कर दिया जाए। आजकल मैंने कई विद्यार्थियों को हिंदी में अटक अटक के बोलते सुना है। जब उनसे अंग्रेजी में बोलने को कहा जायेगा तो वे बड़े ही सम्मान के साथ अपनी बात कहते है। ये सब देख के मुझे बड़ा अफसोस होता है कि हमें अपनी ही मातृभाषा में असुविधा होती है और दूसरों की भाषा को इतने सम्मान के साथ बोलते है। 

मैं ये नही कहती कि अंग्रेजी में कोई बुराई है ज्ञान सभी भाषाओं का होना अच्छा ही है लेकिन अपनी भाषा मे बात करने वाले का मजाक उड़ाना भी कहीं की समझदारी नही है। अंत में  भारतेन्दु हरिश्चंद्र जी की पंक्तियाँ स्वयं सब दर्शाती है-

     “निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल”

तात्पर्य है अपनी भाषा के विकास से सभ्यता का विकास स्वतः होता है।

अंत मे हिंदी ब्लॉग लिखने वाले और हिंदी भाषा को शान से बोलने वाले सभी दोस्तों को हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

14 thoughts on “हिंदी दिवस

  1. 100% right.
    Everyone affordable speak Hindi any time. Hindi is compulsory language for us.
    But some people don’t give more importance, they like only speak, write english.
    Why they are push our mother language?

    Liked by 1 person

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